तिरंगे से आसमान तक देशभक्ति का रंग, APS में दिखा नए भारत का उत्साह
16 Aug, 2026
by Admin
देशभक्ति के रंग में रंगा ऑर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, ड्रोन से लहराया तिरंगा तो तालियों से गूंज उठा परिसर
हल्द्वानी। लामाचौड़ स्थित ऑर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल (APS) में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह, उमंग, देशभक्ति और बच्चों की प्रतिभा के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। तिरंगे की शान, देशभक्ति के गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विद्यार्थियों की शानदार प्रतिभा ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक का खूबसूरत समावेश भी देखने को मिला। स्कूल ग्राउंड में जब ड्रोन के माध्यम से तिरंगा फहराया गया तो बच्चों के साथ-साथ अभिभावक और उपस्थित जनसमूह भी रोमांचित हो उठा। यह अनूठा दृश्य समारोह के सबसे आकर्षक और यादगार पलों में शामिल रहा।
ड्रोन से तिरंगा फहराने का अनूठा प्रयोग बना आकर्षण
समारोह के दौरान विद्यालय ने देशभक्ति के पारंपरिक उत्साह को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक अभिनव प्रस्तुति दी। ड्रोन के माध्यम से स्कूल ग्राउंड में तिरंगा फहराने का दृश्य सामने आते ही पूरा परिसर तालियों और जयघोष से गूंज उठा। आसमान में लहराते तिरंगे ने जहां विद्यार्थियों में गर्व की अनुभूति कराई, वहीं अभिभावकों के लिए भी यह क्षण खास आकर्षण का केंद्र रहा।
यह प्रस्तुति इस बात का संदेश देती नजर आई कि नई पीढ़ी की शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, नवाचार और रचनात्मक सोच को साथ लेकर आगे बढ़ने का नाम भी है।
मुख्य अतिथि ने बच्चों को दिया जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल प्रमोद चंद पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों को समझने का भी अवसर है। आज के बच्चे ही आने वाले भारत के निर्माता हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम की भावना से भी जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने बेटियों की शिक्षा और समाज में महिलाओं की सम्मानजनक स्थिति पर भी जोर देते हुए कहा कि जिस समाज में बेटियों को समान अवसर और सुरक्षा मिलती है, वही समाज वास्तव में प्रगति करता है। बच्चों से उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षकों और देश का नाम रोशन करने के साथ तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।
मुख्य ट्रस्टीस ने दिया शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण का संदेश
इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टीस भुवन चंद उपाध्याय ब डॉ सलोनी उपाध्याय ने सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन इस प्रगति की असली नींव हमारे संस्कार, शिक्षा और नैतिक मूल्यों पर टिकी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल डिग्री या पद से नहीं, बल्कि चरित्र, अनुशासन और ईमानदारी से मिलती है। बच्चों को चाहिए कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
भुवन चंद उपाध्याय ने यह भी कहा कि समाज में बेटियों की शिक्षा और सम्मान अत्यंत आवश्यक है। एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए महिलाओं का सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम ऐसा वातावरण बनाएं जहां हर बच्चा बिना भेदभाव के आगे बढ़ सके।
अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को मेहनत और लगन से पूरा करें और देश का नाम रोशन करें।
डॉ सलोनी उपाध्याय ने कहा
इस अवसर पर डॉक्टर सलोनी उपाध्याय ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें एकजुटता, कर्तव्य और राष्ट्रप्रेम का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है, जिसे हमें पूरी निष्ठा के साथ निभाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें जीवन मूल्यों, संवेदनशीलता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी शामिल होनी चाहिए।
डॉक्टर सलोनी उपाध्याय ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है, इसलिए उन्हें नशे, नकारात्मकता और गलत आदतों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही एक सफल जीवन की कुंजी है।
अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और एक सशक्त, शिक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
नन्हे कलाकारों ने बांधा समां
समारोह का सबसे जीवंत और भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, नृत्य, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रस्तुति की खूबसूरती देखते ही बन रही थी।
विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, देश की विविधता और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। बच्चों की प्रस्तुतियों पर अभिभावकों और उपस्थित जनसमूह ने जमकर तालियां बजाईं और उनका उत्साहवर्धन किया।
संस्कृति, शिक्षा और आधुनिक सोच का दिखा संगम
पूरे कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीक का समावेश दिखाई दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने जहां संस्कार और संस्कृति का संदेश दिया, वहीं ड्रोन के माध्यम से तिरंगा फहराने जैसी पहल ने विद्यालय की आधुनिक सोच और तकनीकी दृष्टिकोण को भी सामने रखा।
यही वजह रही कि स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को मंच देने वाला यादगार अवसर बन गया।
अभिभावकों ने की बच्चों की प्रतिभा की सराहना
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक और अतिथि मौजूद रहे। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर अभिभावक भी उत्साहित नजर आए। कई प्रस्तुतियों के दौरान पूरा परिसर तालियों से गूंजता रहा। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाते हैं।
बच्चों की प्रतिभा बनी समारोह की पहचान
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिस तरह विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, उससे स्पष्ट हुआ कि विद्यालय में शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और मेहनत की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच दिनभर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और ड्रोन से तिरंगा फहराने के अनूठे दृश्य की चर्चा होती रही। समारोह ने यह संदेश भी दिया कि जब शिक्षा में संस्कार, प्रतिभा और तकनीक का समावेश होता है तो बच्चों को अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए एक बेहतर मंच मिलता है।
देशभक्ति के संकल्प के साथ हुआ समापन
समारोह के अंत में विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों ने राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। वातावरण में गूंजते देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम की भावना के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
ऑर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल का यह स्वतंत्रता दिवस समारोह बच्चों के लिए केवल उत्सव नहीं, बल्कि देशभक्ति, संस्कार, संस्कृति, शिक्षा, तकनीक और प्रतिभा का ऐसा मंच बना, जिसकी याद लंबे समय तक विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में बनी रहेगी।