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29 Jul, 2026 by Admin

उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसों के लिए बनाए गए नए नियमों के तहत अब सभी मदरसों का शिक्षा विभाग में पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में हरिद्वार जिला कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने जिले के मदरसा संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में सरकार की नई व्यवस्था, पंजीकरण की प्रक्रिया और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी संस्था को बंद करना नहीं, बल्कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आधुनिक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी संचालकों से समय रहते शिक्षा विभाग के अंतर्गत पंजीकरण कराने की अपील की। बैठक में मौजूद अधिकांश मदरसा संचालकों ने इस पहल का समर्थन करते हुए सरकार के साथ सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

बैठक को संबोधित करते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि मदरसों में अध्ययनरत बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिले, ताकि वे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में पंजीकरण से मदरसों की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और छात्रों को सरकार की विभिन्न शैक्षिक योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।

मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए जल्द कराएं पंजीकरण, नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई – सुरजीत सिंह गांधी, अध्यक्ष, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण

सुरजीत सिंह गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में पंजीकरण कराना सरकार के नियमों का हिस्सा है और सभी मदरसों को इसका पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जो संस्थान निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मदरसा संचालकों से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रांति में न रहें और सरकार की इस पहल में सहयोग करें।

वहीं बैठक में मौजूद मदरसा संचालक मौलाना सिबके हसन ने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और बच्चों का भविष्य संवारना है तो मदरसा संचालक भी इसमें सकारात्मक सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि छात्र समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भी मदरसों की समस्याओं का समाधान करेगी और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाएगी।

हरिद्वार में आयोजित इस बैठक के बाद अब जिले के मदरसों में शिक्षा विभाग के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है, जबकि मदरसा संचालकों ने भी सकारात्मक सहयोग का संकेत दिया है।