विद्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अभिभावकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

हल्द्वानी, 5 अगस्त। काठगोदाम स्थित सेंट थेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बाल अधिकार, बाल सुरक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने की। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने कुमाऊँनी लोकगीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। कार्यशाला में शिक्षक-अभिभावक संघ, स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए योगेश सिंह रजवार ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बाल अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
विद्यालय की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान आयोग सदस्य ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी भी ली।अभिभावकों की भूमिका को बताया सबसे महत्वपूर्ण
योगेश सिंह रजवार ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से नियमित रूप से विद्यालय के संपर्क में रहने तथा बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

समाज के निर्माण का किया आह्वान
कार्यशाला के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
चाइल्ड हेल्पलाइन की दी जानकारी
खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह ने विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबरों और उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। वहीं जिला प्रोबेशन विभाग की अधिकारी पल्लवी तिवारी, चाइल्ड हेल्पलाइन जिला समन्वयक किरण पंत, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधियों तथा अन्य अधिकारियों ने भी बच्चों को सुरक्षा, अधिकारों और सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिकाओं ललिता साह एवं नीतू काराकोटी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रिंसिपल फादर राजेश, स्कूल मैनेजर फादर डेरिक, कार्यक्रम संयोजक एवं पीटीआई इंद्र कार्की, शिक्षकगण, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यालय बच्चों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध : फादर राजेश
विद्यालय के प्रिंसिपल फादर राजेश ने कार्यशाला के आयोजन पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।