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10 Aug, 2026 by Admin

60 बल्क वेस्ट जनरेटरों पर नगर निगम की कार्रवाई,

वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल ने लगाया कंपोस्टर


हल्द्वानी। ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने और शहर में कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा SWM Rules-26 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में शहर में 60 संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में चिन्हित किया गया है।
नगर निगम की ओर से इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर अपने परिसर में उत्पन्न होने वाले गीले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था स्वयं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। चिन्हित BWG में से वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल ने गीले कचरे के निस्तारण के लिए अपने संस्थानों में कंपोस्टर मशीन स्थापित कर दी है।
नगर आयुक्त ने किया कंपोस्टर मशीनों का निरीक्षण
नगर आयुक्त एवं उनकी टीम ने वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल पहुंचकर वहां स्थापित कंपोस्टर मशीनों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त ने संस्थानों द्वारा कचरे के स्थानीय स्तर पर निस्तारण के लिए की गई पहल की सराहना की।उन्होंने कहा कि बड़े संस्थानों द्वारा अपने यहां उत्पन्न होने वाले गीले कचरे का परिसर में ही वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त शहर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गीले और सूखे कूड़े को अलग करना क्यों जरूरी?

ठोस कचरा प्रबंधन में गीले और सूखे कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण बेहद महत्वपूर्ण है। होटल, मॉल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, संस्थान और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है।गीले कचरे में भोजन के अवशेष, सब्जियों-फलों के छिलके, बचा हुआ खाना और अन्य जैविक सामग्री शामिल होती है। इसे कंपोस्टर के माध्यम से संसाधित कर कंपोस्ट/जैविक खाद में बदला जा सकता है।वहीं सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, गत्ता, धातु, कांच और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री आती है। इसे अलग रखने से रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया आसान होती है और बड़ी मात्रा में कचरे को लैंडफिल तक पहुंचने से रोका जा सकता है।


बड़े होटल-मॉल और रेस्टोरेंट के लिए क्यों जरूरी है व्यवस्था?

बड़े मॉल, होटल और रेस्टोरेंट में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और पैकेजिंग से जुड़ा कचरा निकलता है। यदि गीला और सूखा कचरा एक साथ मिला दिया जाए तो उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है।
ऐसे में BWG संस्थानों द्वारा परिसर में ही गीले कचरे का निस्तारण करने से नगर निगम पर कचरा उठाने और उसे अंतिम निस्तारण स्थल तक पहुंचाने का दबाव कम होता है। साथ ही परिवहन लागत, कचरे के ढेर और दुर्गंध जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलती है।

वॉकवे मॉल और होटल फॉर्च्यून के प्रबंध निदेशक नीरज शारदा ने कहा कि कचरा प्रबंधन केवल नगर निगम या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक बड़े संस्थान की भी जिम्मेदारी है। हमारे संस्थान में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गीला कचरा उत्पन्न होता है, इसलिए हमने इसे बाहर भेजने के बजाय परिसर में ही वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के लिए कंपोस्टर मशीन स्थापित की है। इससे गीले कचरे का उचित निस्तारण होने के साथ जैविक खाद तैयार करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि SWM Rules-2026 के अनुपालन के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ शहर की दिशा में अन्य बल्क वेस्ट जनरेटरों को भी आगे आकर अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करनी चाहिए।
नीरज शारदा,प्रबंध निदेशक वाक वे मॉल /होटल फॉर्च्यून




अन्य BWG को भी जल्द व्यवस्था करने की अपील

नगर आयुक्त ने अन्य सभी चिन्हित बल्क वेस्ट जनरेटरों से भी अपील की है कि वे अपने संस्थानों में गीले कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था जल्द से जल्द स्थापित करें। नगर निगम का उद्देश्य है कि सभी संबंधित संस्थान MSW Rules-2026 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कचरे का स्रोत पर ही बेहतर प्रबंधन करें। नगर निगम की इस पहल से बड़े संस्थानों में कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है