60 बल्क वेस्ट जनरेटरों पर नगर निगम की कार्रवाई,
वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल ने लगाया कंपोस्टर
हल्द्वानी। ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने और शहर में कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा SWM Rules-26 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में शहर में 60 संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में चिन्हित किया गया है।
नगर निगम की ओर से इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर अपने परिसर में उत्पन्न होने वाले गीले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था स्वयं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। चिन्हित BWG में से वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल ने गीले कचरे के निस्तारण के लिए अपने संस्थानों में कंपोस्टर मशीन स्थापित कर दी है।
नगर आयुक्त ने किया कंपोस्टर मशीनों का निरीक्षण
नगर आयुक्त एवं उनकी टीम ने वॉकवे मॉल और फॉर्च्यून होटल पहुंचकर वहां स्थापित कंपोस्टर मशीनों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त ने संस्थानों द्वारा कचरे के स्थानीय स्तर पर निस्तारण के लिए की गई पहल की सराहना की।उन्होंने कहा कि बड़े संस्थानों द्वारा अपने यहां उत्पन्न होने वाले गीले कचरे का परिसर में ही वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त शहर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गीले और सूखे कूड़े को अलग करना क्यों जरूरी?
ठोस कचरा प्रबंधन में गीले और सूखे कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण बेहद महत्वपूर्ण है। होटल, मॉल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, संस्थान और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है।गीले कचरे में भोजन के अवशेष, सब्जियों-फलों के छिलके, बचा हुआ खाना और अन्य जैविक सामग्री शामिल होती है। इसे कंपोस्टर के माध्यम से संसाधित कर कंपोस्ट/जैविक खाद में बदला जा सकता है।वहीं सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, गत्ता, धातु, कांच और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री आती है। इसे अलग रखने से रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया आसान होती है और बड़ी मात्रा में कचरे को लैंडफिल तक पहुंचने से रोका जा सकता है।