
"उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा को हर उस व्यक्ति तक पहुंचाना है, जो किसी कारणवश नियमित शिक्षा से वंचित रह गया है। हमने हरिद्वार, सितारगंज केंद्रीय और हल्द्वानी कारागारों के साथ-साथ रानीखेत के कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर और रुड़की के बंगाल इंजीनियर ग्रुप में भी शैक्षिक केंद्र स्थापित किए हैं। हमारा प्रयास है कि भविष्य में अर्धसैनिक बलों और अन्य संस्थानों में भी ऐसे केंद्र खोले जाएं। शिक्षा के माध्यम से हम अधिक से अधिक लोगों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं।" केंद्रीय और हल्द्वानी कारागारों के साथ-साथ रानीखेत के कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर और रुड़की के बंगाल इंजीनियर ग्रुप में भी शैक्षिक केंद्र स्थापित किए हैं। हमारा प्रयास है कि भविष्य में अर्धसैनिक बलों और अन्य संस्थानों में भी ऐसे केंद्र खोले जाएं। शिक्षा के माध्यम से हम अधिक से अधिक लोगों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं।" ::-प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय
शिक्षा के माध्यम से पुनर्वास की पहल
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की यह पहल केवल उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उन वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास है जो परिस्थितियों के कारण इससे दूर रह गए। कारागारों, सैन्य संस्थानों और भविष्य में अन्य अर्धसैनिक संगठनों तक शिक्षा का विस्तार विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल शिक्षा को वास्तव में "सबके लिए, हर जगह" उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।