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21 Jul, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela


पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग, उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने लिखा पत्र


दीपक बल्यूटिया ने भारत की राष्ट्रपति को पत्र भेजकर देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, छात्र आंदोलनों पर कथित कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का विश्वास कमजोर हुआ है।

बल्यूटिया ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि देशभर के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र संविधान के तहत समान अवसर, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार की मांग कर रहे हैं।ण की उठाई मांग

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई पर जताई चिंता..

पत्र में कहा गया है कि छात्रों की मांगों पर विचार किए जाने के बजाय उन पर लाठीचार्ज, हिरासत और अन्य कार्रवाई की घटनाएं पत्रसामने आने का आरोप है। बल्यूटिया ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

पेपर लीक से टूटा युवाओं का भरोसा...

दीपक बल्यूटिया ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने वर्षों से तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की मेहनत और उम्मीदों को प्रभावित किया है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग

पत्र के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराई जाए, छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

पत्र में जताई पीड़ा

पत्र में बल्यूटिया ने कहा कि यदि युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।