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05 Aug, 2026 by Admin

कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने खरीदी साहित्य, संस्कृति, इतिहास और प्रेरणादायक पुस्तकें, अभिभावकों ने भी दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी

बदलते दौर में जहां बच्चे मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन पर अधिक समय बिता रहे हैं, वहीं हल्द्वानी के विजडम पब्लिक स्कूल ने विद्यार्थियों को पुस्तकों से जोड़ने की एक सराहनीय पहल की है। विद्यालय में आयोजित पुस्तक मेले में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और ज्ञानवर्धक पुस्तकों की खरीदारी की।

विजडम पब्लिक स्कूल में आयोजित पुस्तक मेले में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मेले में साहित्य, भारतीय संस्कृति, इतिहास, महान लेखकों की रचनाएं, काव्य संग्रह, धार्मिक ग्रंथ, व्यक्तित्व विकास और प्रेरणादायक पुस्तकों की आकर्षक श्रृंखला उपलब्ध रही। विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का चयन किया, जबकि अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ मिलकर उपयोगी पुस्तकों की खरीदारी की।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि अच्छी पुस्तकें केवल परीक्षा में सफलता का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे सोचने-समझने की क्षमता विकसित करती हैं, भाषा को समृद्ध बनाती हैं, कल्पनाशक्ति को विस्तार देती हैं और बच्चों में नैतिकता, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों का विकास करती हैं। साहित्य और इतिहास से जुड़ाव बच्चों को अपनी जड़ों से परिचित कराता है, जबकि धार्मिक और प्रेरणादायक पुस्तकें जीवन मूल्यों की समझ विकसित करती हैं।

"आज बच्चे मोबाइल और डिजिटल माध्यमों में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जिससे वे धीरे-धीरे पुस्तकों, नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और सामाजिक समझ से दूर होते जा रहे हैं। पुस्तक मेला केवल किताबें खरीदने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों को पढ़ने की आदत, सकारात्मक सोच और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास है। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करें।"-: राजेंद्र पोखरिया, प्रबंध निदेशक, विजडम पब्लिक स्कूल

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे रचनात्मक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी तकनीक के साथ-साथ पुस्तकों से भी जुड़ी रहे और एक जिम्मेदार, जागरूक एवं संस्कारवान नागरिक के रूप में विकसित हो।