
"हरेला हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब हम लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित करें। हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प ले।"
राजपाल लेघा :-निदेशक
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग
कार्यक्रम के दौरान निदेशक राजपाल लेघा ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी सशक्त माध्यम है। समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।