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03 Oct, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

Uttarakhand Voter List 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी,

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। नई सूची में प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए, वहीं दावे-आपत्तियों के बाद हजारों नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया।

अंतिम सूची में मतदाता?

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार उत्तराखंड में कुल 71,58,949 मतदाता हैं। इनमें—
इस तरह प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक है।

SIR से पहले कितने मतदाता थे?

विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले 8 जून 2026 को प्रदेश की मतदाता सूची में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। SIR की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 71,58,949 रह गई। यानी शुरुआती सूची की तुलना में कुल 8,01,813 मतदाताओं की कमी हुई है। यह आंकड़ा अंतिम सूची में शामिल कुल मतदाताओं और SIR से पहले के मतदाताओं के बीच का अंतर है।

ड्राफ्ट सूची में 8.26 लाख नाम हुए थे कम

SIR के पहले चरण के बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसमें 71,33,785 मतदाता शामिल थे। यानी SIR से पहले की सूची के मुकाबले ड्राफ्ट सूची में करीब 8.27 लाख नाम कम थे।ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने का मौका दिया गया था।

दावे-आपत्तियों के बाद 1.29 लाख नए नाम जुड़े

ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। इसके बाद इनका निस्तारण किया गया।अंतिम सूची तैयार होने के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि नियमों के अनुसार 1,04,708 नाम विलोपित किए गए।यानी ड्राफ्ट सूची के बाद हुई कार्रवाई में नए नाम जुड़ने से मतदाता संख्या में शुद्ध रूप से करीब 25,164 की बढ़ोतरी हुई। यही वजह है कि ड्राफ्ट में 71,33,785 मतदाताओं से बढ़कर अंतिम सूची में संख्या 71,58,949 पहुंची।

कैसे चला पूरा SIR अभियान?

उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया 8 जून 2026 से शुरू हुई थी। बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित गणना फॉर्म उपलब्ध कराए और जानकारी जुटाई।
इसके बाद रिकॉर्ड के परीक्षण और सत्यापन के आधार पर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां मांगी गईं। 13 अगस्त से 28 सितंबर तक दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चली और इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

18-19 साल के 72 हजार से ज्यादा युवा मतदाता

अंतिम मतदाता सूची में युवा मतदाताओं की संख्या भी सामने आई है। प्रदेश में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता दर्ज हैं।
वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता अंतिम सूची में शामिल हैं। प्रदेश में वर्तमान में 12,543 मतदेय स्थल हैं।

अगर आपका नाम सूची से गायब है तो क्या करें?

अंतिम सूची जारी होने के बाद भी यदि कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो उसके लिए प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है। निर्वाचन विभाग की ओर से छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
BLO पुराने और वर्तमान मतदाता रिकॉर्ड का मिलान करेंगे और जिन पात्र मतदाताओं के नाम वर्तमान सूची में नहीं हैं, उनकी पहचान कर उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी। पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है या BLO के जरिए ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

ऐसे चेक करें अपना नाम

मतदाता अपना नाम आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट पर भी SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची, ASD सूची और अन्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
मतदाता सूची में नाम खोजने के लिए:
निर्वाचक नामावली/मतदाता सूची खोजें
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड – SIR 2026:
CEO Uttarakhand SIR 2026 पोर्टल

आंकड़ों पर एक नजर

खास बात यह है की अंतिम सूची में संख्या घटने का अर्थ यह नहीं है कि SIR के दौरान हटाए गए सभी नाम एक ही कारण से हटे। निर्वाचन प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित तथा अन्य सत्यापन संबंधी मामलों की जांच की गई। चुनाव आयोग ने अंतिम सूची के बाद छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान और पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान की व्यवस्था भी की है।