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14 Oct, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

फोन टैपिंग और AI से फर्जी ऑडियो-वीडियो वायरल करने की आशंका, कांग्रेस विधायक ने न्याय न मिलने पर दी आत्मदाह की चेतावनी


हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के एक बयान ने हलचल पैदा कर दी है। हल्द्वानी विधायक ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं जाहिर करते हुए कथित फोन टैपिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से ऑडियो-वीडियो तैयार कर वायरल करने और जान को खतरा होने की बात कही है। विधायक ने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

फोन टैपिंग और AI के दुरुपयोग की जताई आशंका

विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो नेताओं के फोन टैप करने जैसी गतिविधियों में शामिल है। उनका कहना है कि इस कथित गतिविधि के दायरे में उनके परिवार के सदस्य भी आ सकते हैं। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का दुरुपयोग करते हुए उनकी बातचीत की रिकॉर्डिंग या वीडियो तैयार किए जा सकते हैं और उन्हें वायरल कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है।

जान को खतरा होने का दावा, वाहन दुर्घटना की भी आशंका

सुमित हृदयेश ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। उन्होंने अपने वाहन का एक्सीडेंट कराए जाने की आशंका भी व्यक्त की है। विधायक के इस बयान के बाद उनकी सुरक्षा से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, उनके अनुसार अप्रैल 2025 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी लिखित शिकायत दी गई थी। विधायक ने इन शिकायतों के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

कथित नेटवर्क में प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका

कांग्रेस विधायक ने आशंका जताई कि फोन टैपिंग और कथित निगरानी से जुड़े मामले में कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने निजी कंपनियों के माध्यम से ऐसी गतिविधियां संचालित किए जाने की संभावना भी व्यक्त की। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध साक्ष्यों और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्षों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
मामले में निष्पक्ष जांच के जरिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि क्या वास्तव में फोन टैपिंग या डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग से संबंधित कोई गतिविधि हुई है और यदि ऐसा हुआ है तो इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

न्याय नहीं मिला तो गैरसैंण में आत्मदाह की चेतावनी

अपने बयान में सुमित हृदयेश ने सबसे गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे। विधायक ने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
उनकी इस चेतावनी ने मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित शिकायतों पर पुलिस और शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं तथा विधायक की सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं का समाधान किस तरह किया जाता है।

जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार

इस पूरे मामले में विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना जरूरी है। फोन टैपिंग, AI के जरिए कथित ऑडियो-वीडियो तैयार करने तथा जान को खतरा होने जैसे गंभीर दावों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए न्याय की मांग की है। उनके आत्मदाह संबंधी बयान के बाद प्रशासन की प्रतिक्रिया और शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।