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19 Sep, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

पशु आहार की बढ़ी दरों का आदेश अग्रिम आदेश तक स्थगित, नैनीताल के करीब 34 हजार समेत प्रदेशभर के पशुपालकों को राहत

नैनीताल। बरसात और दैवीय आपदा की परिस्थितियों के बीच पशुपालकों पर बढ़े अतिरिक्त आर्थिक बोझ को देखते हुए नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा की पहल रंग लाई है। दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पशु आहार की बढ़ी हुई दरों और अनुदान में संशोधन संबंधी आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इस फैसले से नैनीताल जिले के करीब 34 हजार और पूरे प्रदेश के लगभग 55 हजार दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को राहत मिलने की बात कही गई है।

मंत्री से की थी दरें बढ़ाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग

नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने 14 सितंबर 2026 को दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा को पत्र भेजकर पशु आहार की दरों में की गई वृद्धि के आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में पशुपालकों के लिए बढ़ी हुई दरों का अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना मुश्किल होगा।
मुकेश बोरा के अनुसार, 14 सितंबर के आदेश में पशु आहार, मिनरल मिक्सचर, कॉम्पैक्ट फीड तथा साइलेज-भूसा की दरों में वृद्धि की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगातार बारिश और दैवीय आपदा के चलते पशुपालकों को पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में पशु आहार की कीमतों में बढ़ोतरी से उनकी परेशानी और बढ़ सकती थी।

मंत्री ने अग्रिम आदेश तक दर वृद्धि स्थगित की

पशुपालकों की समस्या को देखते हुए मुकेश बोरा ने मंत्री सौरभ बहुगुणा के समक्ष मामला रखा और आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। इसके बाद मंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए दर वृद्धि संबंधी आदेश को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया।
इस निर्णय से हजारों दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। नैनीताल दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने इस निर्णय के लिए दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि बरसात, दैवीय आपदा और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना उचित नहीं था। आदेश स्थगित होने से पशुपालकों को राहत मिलेगी और उन्हें बढ़ी हुई दरों का तत्काल बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

55 हजार पशुपालकों पर पड़ता असर

बताया गया है कि नैनीताल जिले में करीब 34 हजार तथा पूरे उत्तराखंड में लगभग 55 हजार दुग्ध उत्पादक पशुपालक इस व्यवस्था से जुड़े हैं। पशु आहार की दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर इन पशुपालकों की लागत और दुग्ध उत्पादन पर पड़ सकता था।
मुकेश बोरा ने कहा कि पशुपालकों के हित में लिए गए इस निर्णय से वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने इसके लिए मंत्री सौरभ बहुगुणा का आभार व्यक्त किया।