Breaking News:
Image not found
23 Sep, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

किच्छा में विधायक तिलक राज बेहड़ को थप्पड़ मारने का आरोपी गिरफ्तार, 30 लोग हिरासत में

रुद्रपुर/किच्छा। किच्छा नगर पालिका एवं सिरौलीकलां चुनाव की मतगणना के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विधायक तिलक राज बेहड़ को थप्पड़ मारने और उनके साथ धक्का-मुक्की के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 30 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे नई मंडी स्थित मतगणना परिसर में विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला अपने-अपने समर्थकों और प्रत्याशियों के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया और विधायक बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने की घटना सामने आई।

स्ट्रांग रूम की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया गया कि मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखने की व्यवस्था और वहां लगाए गए पर्दे को लेकर विधायक बेहड़ ने आपत्ति जताई थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। हंगामे के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और उनके समर्थकों को सिडकुल चौकी, पंतनगर भेजा, जबकि विधायक तिलक राज बेहड़ और उनके समर्थकों को किच्छा कोतवाली ले जाया गया। बाद में दोनों पक्षों को वहां से छोड़ा गया।

धीरज कुमार गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में लालपुर की आस्था कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय धीरज कुमार पुत्र शम्भू सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर विधायक बेहड़ के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट में शामिल होने का आरोप है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने मतगणना परिसर में शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले अन्य लोगों को भी चिन्हित किया है। अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और निर्वाचन प्रक्रिया तथा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में किसी भी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद किच्छा में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विधायक बेहड़ ने पुलिस में तहरीर देने के बजाय मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष रखने की बात कही है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मतगणना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।