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22 Sep, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

केएमओयू में परमिट से ज्यादा फेरे लगाने का आरोप, करोड़ों के राजस्व का मामला

हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (केएमओयू) से संबद्ध करीब 90 से 120 बसों के संचालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हल्द्वानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह ने संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को तीन पन्नों का शिकायती पत्र सौंपकर बसों के परमिट की शर्तों के उल्लंघन और बड़े पैमाने पर मोटर वाहन कर की कथित चोरी की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि केएमओयू से संबद्ध कई बसों को पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के निर्धारित लंबे मार्गों, समय-सारिणी और ट्रिप के आधार पर स्टेज कैरिज परमिट जारी किए गए हैं। इसके बावजूद करीब 90 से 120 बसें कथित तौर पर अपने निर्धारित पूरे मार्ग पर संचालन करने के बजाय अधिक मुनाफे वाले छोटे मार्गों पर फिक्स फेरे लगा रही हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ बसों से निर्धारित ट्रिप से अधिक चक्कर लगाए जा रहे हैं।
राजेंद्र सिंह ने इसे परमिट की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए मोटर वाहन अधिनियम और राज्य के मोटर वाहन कर संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में परमिट के निर्धारित मार्ग से विचलन और अतिरिक्त संचालन के कारण राजस्व हानि की भी जांच कराने की मांग की गई है।



सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के एसआर कुप्पुस्वामी चेट्टियार बनाम एम. रामचंद्रन और शिव चंद अमोलक चंद बनाम रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि परमिट में निर्धारित मार्ग में बदलाव विधिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर परमिट संबंधी कार्रवाई करने और कथित बकाया टैक्स की वसूली की मांग की है।

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल

शिकायतकर्ता ने परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि लंबे समय से इतनी बड़ी संख्या में बसें निर्धारित मार्ग और ट्रिप के विपरीत संचालित हो रही थीं तो प्रवर्तन अधिकारियों ने समय-समय पर स्थलीय जांच क्यों नहीं की। उन्होंने जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

आरटीओ प्रवर्तन ने कहा- दोबारा होगी जांच

आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत प्राप्त हुई थी। विभागीय जांच में अनियमितताएं नहीं पाई गई थीं। अब दोबारा शिकायत मिली है, इसलिए मामले की फिर से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

केएमओयू ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, केएमओयू प्रभारी सुरेंद्र सिंह डसीला ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि केएमओयू को मिले परमिट के अनुसार ही बसों का संचालन किया जाता है। परमिट में निर्धारित रूट पर ही प्रबंधन द्वारा बसों का संचालन किया जाता है और लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य नहीं है।