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12 Oct, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

काठगोदाम रेलवे स्टेशन के 142 वर्ष पूरे होने पर इज्जतनगर मंडल ने स्टेशन महोत्सव आयोजित किया। हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों का सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।


हल्द्वानी। कुमाऊं के प्रवेश द्वार के रूप में पहचान रखने वाले काठगोदाम रेलवे स्टेशन ने अपने गौरवशाली सफर के 142 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की ओर से स्टेशन परिसर में स्टेशन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से स्टेशन के ऐतिहासिक सफर और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को सम्मानित करने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए यात्रियों को जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी में दिखी ऐतिहासिक विरासत

काठगोदाम रेलवे स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया में आयोजित स्टेशन महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद डीयूआरसीसी सदस्य हुकुम सिंह कुंवर और महापौर प्रतिनिधि नीरज बिष्ट ने फीता काटकर हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी में स्टेशन के ऐतिहासिक सफर और विकास से जुड़ी तस्वीरों के माध्यम से इसकी गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर काठगोदाम रेलवे स्टेशन के इतिहास और भारतीय रेलवे की विकास यात्रा की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर केक काटकर स्टेशन के 142 वर्ष पूरे होने की खुशियां भी साझा की गईं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगदीप ने अतिथियों का स्वागत किया।

1884 में काठगोदाम पहुंची थी पहली ट्रेन

काठगोदाम रेलवे स्टेशन का इतिहास ब्रिटिश काल में विकसित हुई रेल व्यवस्था से जुड़ा है। कुमाऊं क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मैदानी क्षेत्रों से काठगोदाम तक रेल संपर्क स्थापित किया गया था। पर्वतीय भूभाग की दुर्गमता के कारण काठगोदाम रेल का अंतिम पड़ाव और पहाड़ों की यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार बना।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 24 अप्रैल 1884 को लखनऊ से पहली ट्रेन काठगोदाम पहुंची थी। उस समय यह रेल व्यवस्था रोहिलखंड एवं कुमाऊं रेलवे से जुड़ी हुई थी। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद काठगोदाम का महत्व तेजी से बढ़ा और यह क्षेत्र कुमाऊं की परिवहन व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।

मीटर गेज से ब्रॉड गेज तक का सफर

काठगोदाम रेलखंड पर शुरुआती दौर में मीटर गेज रेल सेवा संचालित होती थी। यात्रियों की बढ़ती जरूरतों और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए 4 मई 1994 को इस रेलखंड को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया। इसके बाद काठगोदाम का देश के प्रमुख शहरों से रेल संपर्क और मजबूत हुआ।
वर्तमान में काठगोदाम रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल का महत्वपूर्ण टर्मिनल स्टेशन है। नैनीताल समेत कुमाऊं के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पांच सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को किया सम्मानित

स्टेशन महोत्सव के अवसर पर रेलवे को दीर्घकालीन और समर्पित सेवाएं देने वाले पांच सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्मानित होने वालों में अर्जुन लाल टम्टा, कैलाश सिंह, प्रहलाद सिंह मर्तोलिया, हरि नंदन त्रिपाठी और गणेश दत्त पांडे शामिल रहे। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेल व्यवस्था के संचालन और विकास में कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, मेहनत और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

नुक्कड़ नाटक और देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे स्काउट एवं गाइड जिला संघ, इज्जतनगर के सदस्यों ने यात्री जागरूकता और स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यात्रियों को रेलवे परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ रेल सेवाओं का उपयोग करने का संदेश दिया गया।इसके अलावा नृत्य और देशभक्ति गीतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और देशभक्ति का माहौल बनाया। स्टेशन महोत्सव के माध्यम से रेलवे की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और आमजन को इसके विकास से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

रेलवे की प्रगति और यात्री सुविधाओं पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीयूआरसीसी सदस्य हुकुम सिंह कुंवर ने कहा कि स्टेशन महोत्सव के माध्यम से काठगोदाम रेलवे स्टेशन की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और विकास यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन रेलवे की प्रगति और यात्रियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसके बाद महापौर प्रतिनिधि नीरज बिष्ट ने भी अपने विचार रखे। मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगदीप ने काठगोदाम स्टेशन के ऐतिहासिक महत्व और रेल परिवहन के विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे देश के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार स्तंभ है। रेलवे आमजन को सस्ता, सुलभ और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने, व्यापार को बढ़ावा देने और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन

स्टेशन महोत्सव का समापन राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के सामूहिक गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन दिविता अग्निहोत्री ने किया, जबकि जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक डीएस बोरा, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, पूर्वोत्तर रेलवे स्काउट एवं गाइड के जिला सचिव हरिशंकर सागर, सत्यवान, हरीश भाकुनी, रहमतुल्लाह हुसैन, अनुराग सिंह बघेल, विद्यासागर, डीएस चौहान सहित अन्य रेल अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय महिलाएं और बड़ी संख्या में रेल यात्री मौजूद रहे।
142 वर्षों का सफर पूरा कर चुका काठगोदाम रेलवे स्टेशन आज भी कुमाऊं क्षेत्र को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। स्टेशन महोत्सव के माध्यम से इसकी ऐतिहासिक विरासत, रेलवे कर्मचारियों के योगदान और भारतीय रेलवे की विकास यात्रा को याद किया गया।