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16 Sep, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

भारतीय ज्ञान परंपरा पर सात दिवसीय कार्यक्रम संपन्न, शोध और बौद्धिक संपदा पर जोर

ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में 300 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान-तकनीक से जोड़ने पर हुआ मंथन

हल्द्वानी। ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर केंद्रित सात दिवसीय गहन शिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। कार्यक्रम में अकादमिक मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले करीब 300 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
सात दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के संदर्भ में समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम को संवादात्मक और व्यावहारिक स्वरूप दिया गया, जिसमें विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान, कार्यशालाएं और परियोजना आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय परंपरागत ज्ञान, उसके वैज्ञानिक पक्ष और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता को समझने के साथ ही इस क्षेत्र में संभावित शोध और नवाचार के अवसरों पर भी जानकारी हासिल की।
विश्वविद्यालय के परिसर निदेशक डॉ. एम. सी. लोहानी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा भविष्य के नवाचार और सतत विकास की मजबूत नींव बन सकती है। उन्होंने कहा कि गहन अकादमिक सत्र में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़कर भविष्य के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं सहायक प्राध्यापक संदीप अभिषेक ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि गहन शिक्षण के माध्यम से उन्हें परिणामोन्मुख मंच उपलब्ध कराना था। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस क्षेत्र में वृहद शोध परियोजनाओं को आकर्षित करने के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान पर आधारित नवीन बौद्धिक संपदा अधिकार विकसित और दर्ज कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को अकादमिक शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को नई संभावनाओं के लिए तैयार करना है।