हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग सम्मेलन IANETL-2026, 600 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा; AI और डिजिटल लर्निंग पर हुआ मंथन
हल्द्वानी। एमआईईटी कुमाऊं कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हल्द्वानी में नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IANETL-2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के करीब 600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 450 प्रतिभागी ऑफलाइन और 150 प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। सम्मेलन के दौरान नर्सिंग शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लर्निंग, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण और केस स्टडी जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
सम्मेलन में भारत के साथ कुवैत और यूनाइटेड किंगडम के विशेषज्ञों ने भी भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में नवीन शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का आदान-प्रदान करना और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की संभावनाओं पर चर्चा करना रहा।
नर्सिंग शिक्षा में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर चर्चा
नेहा रौतेला, असिस्टेंट प्रोफेसर
नर्सिंग शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लर्निंग और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। इन तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर तरीके से समझने और व्यावहारिक परिस्थितियों के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है। हालांकि, तकनीक के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार भी नर्सिंग शिक्षा के अहम पहलू हैं। इस तरह के सम्मेलन शिक्षकों और विद्यार्थियों को नए अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
तरुण सक्सेना ने गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा पर दिया जोर
तरुण सक्सेना, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और व्यावहारिक प्रशिक्षण के बीच संतुलन जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही नई शिक्षण पद्धतियों से परिचित होने का अवसर देते हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि विद्यार्थियों को ऐसा प्रशिक्षण मिले, जिससे वे स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती जरूरतों को समझ सकें और मरीजों की दे१ में अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकें।
नर्सिंग शिक्षा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल
तीन दिवसीय IANETL-2026 सम्मेलन में नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, व्यावहारिक प्रशिक्षण को बेहतर बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में हुई चर्चाओं ने यह रेखांकित किया कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ मरीजों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और गुणवत्तापूर्ण देखभाल पर ध्यान देना आवश्यक है। सम्मेलन को नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में नए विचारों और संभावनाओं पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा सकता है।