एडीबी से मांगे ₹9 हजार करोड़, मजबूत होगा बिजली का ढांचा
बैठक से नदारद अभियंता को एमडी ने फोन पर लगाई फटकार
फीडरों में ज्यादा लाइन लॉस वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी, निजी हाथों में फीडर सौंपने की तैयारी पर विचार
हल्द्वानी। कुमाऊं में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, लाइन लॉस में कमी और राजस्व संग्रह बढ़ाने को लेकर यूपीसीएल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। यूपीसीएल एवं पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कुमाऊं क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपावली से पहले सभी जरूरी लाइन मेंटेनेंस के काम हर हाल में पूरे किए जाएं। त्योहार के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए खराब पोल, करंट लीकेज और अन्य तकनीकी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा गया।
काशीपुर में बैठक के बाद शुक्रवार रात हल्द्वानी पहुंचे एमडी पीसी ध्यानी ने कुमाऊं क्षेत्र मुख्य अभियंता कार्यालय में देर रात करीब 1:30 बजे तक नैनीताल और रामनगर खंड की अवर अभियंतावार समीक्षा की। इसके बाद शनिवार को रानीखेत मंडल के अल्मोड़ा, रानीखेत और बागेश्वर के साथ ही हल्द्वानी मंडल के नगर एवं ग्रामीण खंडों की विस्तृत समीक्षा बैठक की गई।

“राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विद्युत ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। नए ग्रिड और सब-स्टेशन विकसित करने के साथ-साथ ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है, ताकि बढ़ती मांग के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके। हमारा प्रयास है कि बिजली व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जाए और तकनीकी व वितरण संबंधी कमियों को समय रहते दूर किया जाए। उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिलिंग व्यवस्था, नए कनेक्शन, स्मार्ट मीटरिंग और शिकायतों के त्वरित निस्तारण को और बेहतर बनाया जाएगा।”