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04 Oct, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela

एडीबी से मांगे ₹9 हजार करोड़, मजबूत होगा बिजली का ढांचा

बैठक से नदारद अभियंता को एमडी ने फोन पर लगाई फटकार

फीडरों में ज्यादा लाइन लॉस वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी, निजी हाथों में फीडर सौंपने की तैयारी पर विचार

हल्द्वानी। कुमाऊं में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, लाइन लॉस में कमी और राजस्व संग्रह बढ़ाने को लेकर यूपीसीएल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। यूपीसीएल एवं पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कुमाऊं क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपावली से पहले सभी जरूरी लाइन मेंटेनेंस के काम हर हाल में पूरे किए जाएं। त्योहार के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए खराब पोल, करंट लीकेज और अन्य तकनीकी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा गया।
काशीपुर में बैठक के बाद शुक्रवार रात हल्द्वानी पहुंचे एमडी पीसी ध्यानी ने कुमाऊं क्षेत्र मुख्य अभियंता कार्यालय में देर रात करीब 1:30 बजे तक नैनीताल और रामनगर खंड की अवर अभियंतावार समीक्षा की। इसके बाद शनिवार को रानीखेत मंडल के अल्मोड़ा, रानीखेत और बागेश्वर के साथ ही हल्द्वानी मंडल के नगर एवं ग्रामीण खंडों की विस्तृत समीक्षा बैठक की गई।

“राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विद्युत ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। नए ग्रिड और सब-स्टेशन विकसित करने के साथ-साथ ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है, ताकि बढ़ती मांग के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके। हमारा प्रयास है कि बिजली व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जाए और तकनीकी व वितरण संबंधी कमियों को समय रहते दूर किया जाए। उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिलिंग व्यवस्था, नए कनेक्शन, स्मार्ट मीटरिंग और शिकायतों के त्वरित निस्तारण को और बेहतर बनाया जाएगा।”


दिवाली से पहले पूरा हो लाइन मेंटेनेंस

समीक्षा के दौरान एमडी ने सभी खंडों, उपखंडों, सब-स्टेशनों और फीडरों से होने वाली ऊर्जा हानि पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले सभी लाइन मेंटेनेंस के काम पूरे होने चाहिए, ताकि पर्व के दौरान अनावश्यक विद्युत व्यवधान की स्थिति पैदा न हो।
उन्होंने अगले दो दिनों के भीतर क्षेत्रों में सड़े-गले और झुके हुए पोलों को चिन्हित कर बदलने, पोलों में करंट लीकेज की जांच कर उसे दुरुस्त करने तथा मेंटेनेंस कार्य के दौरान विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली चोरी बनी बड़ी चुनौती, फीडर निजी हाथों में देने पर विचार

एमडी ने बिजली चोरी और लाइन लॉस को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी और लाइन लॉस अधिक है, वहां स्थिति में सुधार के लिए फीडरों को निजी हाथों में सौंपने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लॉस डिटेक्शन अथवा मेंटेनेंस के लिए यदि किसी क्षेत्र में शटडाउन लिया जाता है तो उसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से दी जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

हर माह समय पर पहुंचे सही बिजली बिल

बैठक में बिलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। एमडी ने निर्देश दिए कि मीटर रीडिंग इकट्ठी न होने पाए और प्रत्येक उपभोक्ता को हर माह समय पर सही बिजली बिल उपलब्ध कराया जाए। नए विद्युत संयोजनों को भी बिना अनावश्यक देरी के जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और आने वाले वर्षों के लिए प्रस्तावित कार्यों की बिंदुवार कार्ययोजना तत्काल तैयार करने को कहा गया।

स्मार्ट मीटरिंग में तेजी लाने के निर्देश

केंद्र पोषित आरडीएसएस योजना के तहत उपभोक्ताओं और ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। एमडी ने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट मीटरिंग के निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि ऊर्जा हानि की निगरानी और राजस्व व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

बिजली ढांचे के लिए एडीबी से मांगे ₹9 हजार करोड़

एमडी पीसी ध्यानी ने बताया कि बिजली व्यवस्था के ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। कालाढूंगी प्लांट को विकसित करने के साथ ही विद्युत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए एडीबी से करीब ₹9,000 करोड़ की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में बिजली संकट अथवा आपातकालीन रोस्टिंग की स्थिति से निपटने के लिए गैस प्लांट का संचालन कर विद्युत आपूर्ति को संतुलित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक से नदारद अभियंता को एमडी की फोन पर फटकार..

समीक्षा बैठक के दौरान एमडी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी का भी जायजा लिया। इस दौरान एक संबंधित अभियंता अपने कार्यक्षेत्र से नदारद मिले। एमडी ने तत्काल संबंधित अभियंता को फोन किया और अनुपस्थिति का कारण पूछा।
फोन पर एमडी ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताते हुए कहा की अपना विभाग सही से देखें और कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।”एमडी के इस सख्त रुख के बाद निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति नजर आई। समीक्षा बैठक के जरिए साफ संदेश दिया गया कि जनहित से जुड़े कार्यों, विद्युत आपूर्ति और विभागीय जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

करीब 30 अभियंता रहे मौजूद

बैठक में मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी, आरएस गुंजाल, अधीक्षण अभियंता रवि राजौरा, अधिशासी अभियंता डीबी पांगती, एसके गुप्ता, मो. अफजाल, भाष्कर पांडे, सहायक अभियंता उज्जवल भाष्कर, संजय चौहान, मनोज तिवारी समेत करीब 30 अभियंता मौजूद रहे।