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03 Sep, 2026 Kuldeep s Rautela by Kuldeep s Rautela
नैनीताल/हल्द्वानी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ का विवाद अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। मामले को लेकर देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ की ओर से उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक याचिका पर 7 सितंबर 2026 को सुनवाई संभावित है।
दरअसल, खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में गंगाजल का छिड़काव और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कथित शुद्धिकरण किए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया था। कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि भाजपा की ओर से इसे कांग्रेस द्वारा राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने का आरोप लगाया गया।

जनहित याचिका में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष दलील दी गई है कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह शुद्धिकरण किए जाने से सामाजिक वैमनस्य बढ़ने की आशंका है। याचिका में मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
मामला पहले ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है और इसको लेकर प्रदर्शन भी किए गए हैं। वहीं, राज्यसभा में भी यह मामला उठा था, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जांच की बात कही थी।
अब सबकी निगाहें 7 सितंबर को प्रस्तावित हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है और याचिका पर क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह आगे की तस्वीर साफ करेगा।