करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से हुआ था बरी; भूपतवाला क्षेत्र में रहकर चला रहा था चाय का खोखा, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
हरिद्वार। देश के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक, कोली ने भूपतवाला क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या की। उसका शव सप्त सरोवर रोड क्षेत्र में स्थित चाय की दुकान के भीतर मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
2006 में देशभर में हड़कंप मचाने वाला निठारी कांड
साल 2006 में नोएडा के निठारी कांड के सामने आने से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। निठारी स्थित एक मकान के आसपास से बच्चों और युवतियों के लापता होने तथा मानव अवशेष मिलने के बाद पुलिस जांच तेज हुई। मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर के नाम सामने आए और लंबे समय तक यह मामला देश की सुर्खियों में रहा।
सुरेंद्र कोली पर कई आपराधिक मामलों में मुकदमे चले और उसे अलग-अलग मामलों में सजा भी सुनाई गई।
सुप्रीम कोर्ट से हो चुका था बरी
सुरेंद्र कोली निठारी कांड के मामलों में लंबे समय तक आरोपी रहा था। उसे 2025 में सुप्रीम कोर्ट से अंतिम लंबित मामले में भी राहत मिली थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आया था और हाल के दिनों में हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था।
निठारी कांड वर्ष 2006 में नोएडा में सामने आया था और इस मामले ने देशभर में व्यापक चर्चा पैदा की थी। कोली की आज हरिद्वार में हुई मौत के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है। पुलिस की जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी